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Monday, May 5, 2014

कक्षा लगाई रजनी ने सितारे ……  टिमटिमा उठे ,
आये पढ़ाने मयंक जब सारे …….... चमचमा उठे !
पाठशाला है जरुरी सब मिलो मिल कर पढ़ो,
गुरु और ज्ञान संग हैं तो जीवन……जगमगा उठे !! तनुजा ''तनु''

Sunday, May 4, 2014

माया में…… उलझा तन मन ,
बिन माया रही..... … अनबन !
आशा तृष्णा की  आँख मिचौली ,
कैसे बनी जीवन की उलझन !! तनुजा ''तनु '' 

Saturday, May 3, 2014

चाँद अठखेलियां करता रहा ,
साथ सितारों के बहकता रहा !
रजनी काली गहरी बादलोँ की, 
कभी छुपता रहा कभी छुपाता रहा !! तनुजा  ''तनु ''

गगन सेज पर रजनी ने ……सितारोँ को सहलाया !
मीठी मीठी लोरी सुना जब… उनका ज़ी बहलाया !!
नींद गहरी थी  गाल लाल थे  दिनकर थे जब आये !
ऊषा की धीमी बयार ने तारों को गहरी नीँद सुलाया !!……तनुजा ''तनु ''

Friday, May 2, 2014

मन प्रफुल्ल हो,  सजग नयन हो ,उत्साहित जीवन  हो ,
लाम बध्द  हो,  लक्ष्य भेद हो, प्राण पण से समर्पण हो !
 उत्सर्जित  उर्जा से ऊर्ध्वरेता हो , करता जग वंदन हो ,
निर्भय मन हो, , कला सृजन हो, पूजित मन जन जन हो !!  तनुजा ''तनु ''

रात साऱी सितारों से टकी चुनरी ओढ़ कर ,
करती रही इंतज़ार चाँद का  उस मोड़ पर !
चाँद वारिधि की थी चाकरी कर रहा ,
अरुणिमा ही तो लाई थी ये संदेशा दौड़कर !! …   तनुजा  ''तनु ''
दिन के सारे कर्मों का लेखा जोखा ले शाम ढली ,
सुखद क्षणों के मधु स्वप्न ले आज ये ऐसे चली ! 
भव  बंध से मुक्त हो मन उड़ चला आकाश में ,
यामिनी महकी रजनीगंधा सी नींद आँखोँ में पली !!  तनुजा ''तनु ''