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Friday, October 3, 2014


कचरा जल जल जाए ,-------  पालीथिन नष्ट नहीं होगा !!
बाहर का रावण जलाओ ,------ अंदर का नष्ट नहीं होगा !!
क्या नश्वर है ?  कैसे नष्ट  ?  अमृत कुण्ड पालीथीन का !!!
जब तक जीवन-- जब तक मानव ,रावण नष्ट नहीं होगा !!… ''तनु ''


Thursday, October 2, 2014

जो राह दिखा रहे हैं   ---  मो दी ,
अब तलक किसी ने  ---  नो दी ,
चाय पीकर चुस्ती ---  आएगी!!!
जो न मालूम कहाँ हमने  खो दी  ,,,,''तनु ''

ये वो नेता हैं जो -- ------   झुकते नहीं !
कैमरा हो तो चलते है------ रुकते नहीं !!
दम्भ और अकड़ की परवाज़ है    ???
आसमाँ इनका है जमीं पर चुगते नहीं ,,,,,, ''तनु ''

अहिंसा का स्मारक टूटा,    मैला हो गया जन , 
सत्य कचरे में डूबा -----  कसैला हो गया मन ,
ईश्वर हरेक कृति में,------  है ईश्वर  का वास ,
स्वच्छ रहें  और स्वच्छ रखें!! कहें स्वागतम !!!…''तनु ''

Wednesday, October 1, 2014

आओ न बापू !!!


हम थे जहां ----वहीँ पर हैं हम !!
नहीं दासत्व से मुक्त हुए हम !!
कानों में गूंजे है अब तक
राम राम की धुन
रामराज  का पाठ पढ़ाकर ,,,,,
कहाँ हुए तुम ग़ुम !…… हम


तुम्हारे प्रेम की बगिया ,
बिलकुल ही मुरझाई !
फूलों वाली डाली सूखी ,
भूल गयी अंगड़ाई
फूलों बिन भौंरे बगिया में
करते नहीं गुन - गुन
सत्य का दीप जलाकर,,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम गुम !! …हम


नफ़रत हिंसा गोली बारी ,
दानवता निंदा ओ गाली !!
संवेदना जल गयी सारी,
रिश्ते भूले नर ओ नारी!!
ऊपर वाले ए  विधाता,
प्रार्थना मेरे दिल की सुन!!
अहिंँसा की राह दिखाकर,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम ग़ुम !! … हम


मन मस्जिद शिवाला टूटा,
देव हमसे ------दूर है रूठा !!
जन्म दिवस पर धर्म पूजा ,
ढप बजे,  बजे अलगूजा !!
लहराएँ  तिरंगा प्यारा,
भाल लगे माँ के कुमकुम !!
धर्म की राह दिखाकर ,,,,,
बापू  कहाँ हुए तुम ग़ुम !! ....हम.… ''तनु ''
















आओ बापू 

हम थे जहां ----वहीँ पर हैं हम !!
नहीं दासत्व से मुक्त हुए हम !!
कानों में गूंजे है अब तक
राम राम की धुन
रामराज  का पाठ पढ़ाकर ,,,,,
कहाँ हुए तुम ग़ुम !…… हम


तुम्हारे प्रेम की बगिया ,
बिलकुल ही मुरझाई !
फूलों वाली डाली सूखी ,
भूल गयी अंगड़ाई
आज तो बरसाओ आकर,,,,,
फूलों पर शबनम !!
फूलों बिन भौंरे बगिया में
करते नहीं गुन - गुन
सत्य का दीप जलाकर,,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम गुम !! …हम


नफ़रत हिंसा गोली बारी ,
दानवता निंदा ओ गाली !
संवेदना जल गयी सारी
रिश्ते भूले नर ओ नारी
अब न दुखाओ जन मन,,,,,
आओ मन के आलम्बन !!
ऊपर वाले ए  विधाता
प्रार्थना मेरे दिल की सुन
अहिंँसा की राह दिखाकर,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम ग़ुम !! … हम


मन मस्जिद शिवाला टूटा,
देव हमसे ------दूर है रूठा !
जन्म दिवस पर धर्म पूजा ,
ढप बजे,  बजे अलगूजा !
भारत माँ का पूजन अर्चन ,,,,
आओ लेकर रोली चन्दन !!
लहराएँ  तिरंगा प्यारा
भाल लगे माँ के कुमकुम
धर्म की राह दिखाकर ,,,,,
बापू  कहाँ हुए तुम ग़ुम !! ....हम

हम थे जहां ----वहीँ पर हैं हम !!
नहीं दासत्व से मुक्त हुए हम !! ----''तनु '' .



 बापू 


किस दासत्व से मुक्त हुए हम !!
हम थे जहां ----वहीँ पर हैं हम !!
रामराज  का पाठ पढ़ाकर ,,,,,
बापू कहाँ  हुए तुम ग़ुम !


बापू तुम्हारे प्रेम की बगिया ,
बिलकुल ही मुरझाई है !
फूलों की रुत आती नहीं है ,
कड़ी कंटीली झाडी है !
आज तो बरसाओ आकर,,,,,
फूलों पर शबनम !!
सत्य का दीप जलाकर,,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम गुम !! …किस


नफ़रत हिंसा गोली बारी ,
दानवता निंदा ओ गाली !
जन संवेदना उड़ गयी यों ,
बन कपूर की जैसे गोली !
अब न दुखाओ जन मन,,,,,
आजाओ मन के आलम्बन !!
अहिंँसा की राह दिखाकर,,,,,
बापू कहाँ हुए तुम ग़ुम !! … किस


मन मस्जिद शिवाला टूटा,
देव हमसे ------दूर है रूठा !
जन्म दिवस पर धर्म है पूजा ,
मानव मानव गले मिलेंगें !
भारत माँ का पूजन अर्चन ,,,,
आओ लेकर रोली चन्दन !!
धर्म की राह दिखाकर ,,,,,
बापू  कहाँ हुए तुम ग़ुम !! ....

किस दासत्व से मुक्त हुए हम !!
हम थे जहां ----वहीँ पर हैं हम !! ----''तनु '' .