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Monday, October 6, 2014

मन रावण
बीती नहीं बिसारे
उपजे घृणा


Sunday, October 5, 2014

बलम गये झरिया ,,,
टूट गयी थरिया ,,,
दुखवा मैं कासे कहूँ हो !!!
बलम गए … 

सगुन असगुनवा के
बीच रहे मन 
फड़के है  नैन अब 
आये रहा सावन
फूट गयी कच्ची गगरिया हो!!! …
बलम गए …

हमरे अंगनवा में
फूले हैं गेंदवा 
चले पछुवाई
हरखे मन भावन  
भूल गए हमरी डगरिया हो!!! … 
बलम गए 

हमरी वो प्यारी सी
कांसे की थरिया
टूट गयी बहुतै ही 
आग लगावन 
चमकत थी कैसी बिजुरिया हो!!! … 
बलम गए 

 तनुजा ''तनु ''
प्रेरित अशोक शर्मा जी 





… 

दर्द - ए - दिल 

ग़ज़ल की बात मत करो ,  दिल टूटा टूटा सा है ,
आंसू के हैं अशआर कोई अब  रूठा रूठा सा है !

खुला सा आसमान था , हवा भी गीत गाती थी,
जी चाँद का बादलों के दामन में घुटा घुटा सा है !

रहनुमा था , दामन में खुशियाँ लिए चलता था ,
बदल गयी है तकदीर दरवेश लुटा लुटा सा है !

ज़ख़म हरा और जले पर नमक है छिड़का हुआ ,
मरा है ज़मीर इंसा का हर शख्स कुटा कुटा सा है !

हर फूल पर उड़ते थे ''तनु '' तितलियों की तरह ,
अँगुलियों पर उसके कोई रंग छूटा छूटा सा है !!!.  '' तनु "



























ईद 

ख़ुशी का दिन आ गया  , 
ईद मनाने का दिन आ गया !!!

भूल जाओ गुनाह दूसरों के तुम 
खुदा ने बनाये बन्दे सब हम 
इज्जत, अदब  इंसा की कायम ,
पेश करने का दिन आ गया !!! 

ख़ुशी का दिन आ गया  , 
ईद मनाने का दिन आ गया !!!

नफरत न करो किसी से तुम
बयां करदो दिल की बंदगी तुम 
खुशियाँ  बाँटों  ख़ुशी से रहो 
खुशियाँ बाँटने का दिन आ गया !!!

ख़ुशी का दिन आ गया  , 
ईद मनाने का दिन आ गया !!!

ईनाम चाहिए अपने आप को सजाओ 
नेक दिल बन कर आँसू पोछो हँसाओ 
साथ में देश को न भूलो भाई तुम 
हँसो के हँसने का दिन आ गया !!!

ख़ुशी का दिन आ गया  , 
ईद मनाने का दिन आ गया !!!

माँगती हूँ दुआओ में ईदी खुदा 
ये मुल्क मेरा दुनिया में है जुदा 
अमन में रहो और चमन में रहो 
आओ ईदी लेने का दिन आ गया !!!

ख़ुशी का दिन आ गया  , 
ईद मनाने का दिन आ गया !!!''तनु ''







दमन में प्रीत के गीत  गा सकते नहीं !
अमन में चिंगारियाँ सजा सकते नहीं !!
आह सुन के गर कोई दर्द पहचान ले !
गले क्यों कर उसको लगा सकते नहीं !!…''तनु ''

Saturday, October 4, 2014

चलना ही दूभर ----- यहाँ कैसे लगे छलांग !
आदत से लाचार कैसे ?? खींच लेते हैं टांग !!
कौन कैसे गिरेगा दौर है खींचा खींची का ,,,,,,,,,,,,
फर्जी मैदान ए जंग में लगता पी  ली भांग !!!  ''तनु ''

Friday, October 3, 2014

मूंछों का ताव है, और उनके सर पर ताज !
मेहरबां हुई है झाड़ू , उनके मुख पर आज !!
सफाई हुई पूरी हुई अब बुराई का अंत हो !
सब कुछ  साफसुथरा कभी न फैले खाज !! ''तनु ''