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Friday, October 10, 2014

मैं फूल थी ईश्वर का तुमने -- संवारा क्यों नहीं ,
ये सँवारने की नीयत तुम्हे --  गवारा क्यों नहीं ,
फूलों के बिना मुस्कुराये ही तुम मुस्कुराते हो   !!!
दुनिया का ख्याल रखते हो तुम हमारा क्यों नहीं,,,,,,,''तनु '' 



Thursday, October 9, 2014




कुमुदिनी खिली संग सुधाकर के ,
पंकज है खिला संग  दिवाकर के , 
सृष्टि उडगन चलते अपनी चाल !! 
न खिलता फूल ??? बिन प्रभाकर के ,,,''तनु ''
पुष्प  

सँवारे ऊपर वाला !!! माली है !!!
पुष्प खिला देखो छटा निराली है   
तोड़ उसको सजाया भगवान पर 
पुष्प का ईश्वर --- कौन है ? डाली है ,,,''तनु''








Wednesday, October 8, 2014

पा ली पाली पा पली--- पा पा पल पल पाल, ,,
जा ली जाली जा जली जा जा जल जल जाल, ,,अशोक शर्मा जी 
यह गूढ़ता है इसमें अनुज 
पा  ली =  ईश्वरत्व को
पाली = जीवन में उतारा है  
पा पली =पाओगे उसको तो ही पलोगे
पा पा पल पल पाल =उसी में रम जा, पल भी व्यर्थ न खो 

जा ली = बिन जाये बिना मन लगाये तो वो मिलेगा नहीं 
जाली = नहीं गए तो व्यर्थ जीवन 
जा जली =  खोट में भ्रम में जाल में न जलो 
जा जा जल जल जाल =  वहीँ जाओ जहाँ जाल न हों. जाल जले हुए हों, या जहाँ पानी हो, और इस पानी के कितने अर्थ। .... 

मन को छोटा ना करो , बुरी लगी जो बात !
आये और  कई गए , भूल गए प्रतिघात !!
आँखों में सपने रहें, मधुमय बीते रात !
राम ही राखे जिसको, कैसे मिलती मात !!.... ''तनु ''

Tuesday, October 7, 2014

प्रेम 



प्रेम अंकुरण के दो पल्लव ,
स्नेह सिंचन से मुखर हुए !
प्राण पवन की  जीत हुई ,
पात  ओस से सुजल हुए !! 



बाँहों के कोमल बंधन में ,
लता उलझी सुलझ गयी !
मृदु चांदनी की छाया में ,
पुष्प पंखुरी लरज गयी !!



किरण दिवाकर विलग नहीं ,
सुधा सुधाकर  सरस रहे !!
 नवांकुर या रुक्ष विटप हो ,
सुधा किरण संग हरष रहे !!



मृदा ''विश्व '' अंकुरण प्रेम ,
जगा  जगत मन कृष्ण रहे !
नदिया कल कल झरते झरने , 
गीत ''प्रीत''  मय उष्ण रहे !!,,,,,,,''तनु ''

















चाँद अमृत ,
रस सिक्त चाँदनी!!!
शरद चन्द्र ,,,,,,,,,''तनु ''

कन्हैया संग,
गोपियाँ  रास रचे !!!
अमृतवर्षा ,,,,,,,,''तनु ''

क्षीर अमृत ,
मधुमय यामिनी!!!
गोपियाँ लीन ,,,,,,,''तनु ''

गगन तले ,
पूर्णिमा शरद की !!!
पियूष वर्षा ,,,,,,,,,,''तनु ''

सोलह कला ,
सम्पूर्ण सुधाकर !!! 
खीर अमृत,,,,,,,''तनु ''

चन्द्र प्रभाव ,
मधुवंती रजनी !!!
क्षीर अमृत,,,,,,,,''तनु ''