हाँ तुम !!! तुम हो!!! तुम ही हो मित्र , नाम से तुम्हारे , शक्ति सी मिल जाती है। पास होने से तुम्हारे , हर ग़म दूर हो जाते हैं. तुम ही हो उजाला!!! तुम ही हो महक !!! छाया भी तुम ही हो , या मैं कहूँ फरिश्ता !! या के खुदा तुम ही हो!!! … ''तनु ''
Monday, January 5, 2015
न रहने से मेरे ये महफ़िल तो अधूरी तो न होगी , मैं आऊँगी ये कह भी दूँ तो भी सबूरी तो न होगी ! आदतें बदल भी डालो के हर ख्वाब रंगीन नहीं , स्याह रात ऐसी कभी गुज़री म जबूरी तो न होगी ! मैं मैं हूँ किसी भी अक्स में न तलाशो मुझको , अब्र -ए -इल्तिफ़ात भी मुझसे उबरी तो न होगी ! चाँद घट घट के भी रहता है सबके जेहन में , ''तनु'' अमावस सही, ये सदके ये जी हजुरी तो न होगी !! …… ''तनु''
मेघ गर्जन उलझी शम्पा रश्मि जल प्लावन नन्ही किरण गोद लाड़ली धीय करे उजाला किरण परी लिए जादुई छड़ी सजाये जग दिखे विधु सा वसु विहीन भानु नहीं सोहता / मन मोहता संध्या भोर
अलहदा स्वर्णिम
क्षितिज मित्र। …
Thursday, January 1, 2015
कटी पतंग
नाते रिश्ते बिखरे
झूठी उम्मीद
मिलन आस
उमड़ती नदिया
सागर प्रीत
कली चटकी
स्वागत नौबहार
आस पतंग
बूँद बरसी
मनवा तरंगित
आस हरषी
सूफी संगीत उम्मीद लिए दीप मन उजास मन देहरी उम्मीद पर पानी बुझते दीए आशा के गाँव गूँजती शहनाई बंधे घुँघरू मधुर गूँज कलरव प्रभात आये प्रवासी बड़ी उम्मीद उकेरे शब्द हरे धरा कागज़ कच्चा सा धागा रिश्ते नाते बिखरे छूटी उम्मीद