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Sunday, July 5, 2015

या दुनिया !!!

मतवारी न्यारी हिवड़ा प्यारी या दुनिया ;
बना म्हाने सूरज पेरावै ताज या दुनिया !

काबिल ने देवे गद्दी नाकाबिल रेवे फिसड्डी ;
काबिल सारू घणो मान राखे या दुनिया !

फट्या टांग अड़कावै बर्या लूण बुरकावै ; 
मन री काळी घणी नखराळी या दुनिया !

साथ सबरे चाले है पण दीखै कोनी ;
सयानी है घणी दानी या दुनिया !

हेलो हुणे नी कणी ने हेलो पाडे नी ;
बोल्या वना शोर करे घुन्नी या दुनिया !!.... तनूजा ''तनु ''

Saturday, July 4, 2015

 जीवन में सजती रहें,    सबके  संझा भोर
 आखर पढ़ कर आपके, मन में उठी हिलोर ''तनु ''


वादरी वरसे, ,,,

कारा मनडा रा मेघ, क्यों उपजावौ प्यास रे 
थोब जो जी वरस्या वना क्यों जावो बिदेस रे 
नीर री प्यास जगई  पुकारे थाने हरियाली रे 
अबे तोड़ो उपास, थाने पुकारे चातकड़ो डाली रे    
गोरड़ी जोवै वाट कदी आवै साजन रो संदेस रे 
मीठी चाह भरी ने मति जावो थें कारा मेघ रे 

Friday, July 3, 2015

आओ बदरा !!!

मन मैला है मेघ का,  उपजा मन की प्यास,
बरसे बिन क्यों जा रहे, लगा नीर की आस ! 
लगा नीर की आस.    पुकारे वन हरियाली; 
तोड़ो अब उपवास,      पुकारे चातक डाली!!
गोरी देखे राह, सजना के सन्देश का ;
मीठी है चाह पर, मन मैला है मेघ का…





आकाश 

हवा क्यों है रुकी सहमी रहे विटप मुरझाये से ;           
बना आकाश श्रीहीन दिनकर सोये अलसाये से !      
मही भी कर रही अनुनय अहं कब टूटे अभ्र का, ,,
बरस कर बात मन की खोलो क्यों हो घबराये से !! 
दुनिया 



बनें हैं काबिल तभी तो उठाये नाज़ ये दुनिया ;
वरन नाकाबिल अनेक ठुकराये आज ये दुनिया ! 

मदमस्त हूँ खुमारी है, ग़ुम हुआ मैं तरन्नुम में ;

लर्जिशे यूँ  सबा ने पाईं, बजाये साज ये दुनिया !

मस्जिद झुकी,कलीसा मंदिर झुक गए मिरेआगे ;

बना हमको आफताब' पहनाये ताज ये दुनिया !

फटे में टाँग अटकाती जले पर नमक छिड़काती ;
हमेशा राज़ रहती बहुत नखरेबाज ये दुनिया ! 

चली साथ सबके ये दिखकर दिखाई नहीं देती ;
सयानी हो गयी मासूम उम्रदराज' ये दुनिया !

सदा दे कर नहीं सुनती सुनकर सदा नहीं देती;
बहुत शोर करती है, बड़ी बे- आवाज ये दुनिया ! 






































Wednesday, July 1, 2015

नेट से इश्क 


इश्क हुआ जब नेट से,  बीत गयी कब रात ;
हुआ सवेरा देर से ,  कहाँ सुबह की वॉक!
कहाँ सुबह की वॉक ?  सुबह कब संध्या होती ;
पिज़ा बर्गर खाए  ------   नसीब न रोटी होती, ,,,,,
मोटा चश्मा फिगर गुम यूँ उड़ते जेट से;
टंकित होती बात इश्क हुआ जब नेट से !!.... तनुजा ''तनु ''