Labels

Friday, March 18, 2016

झरना  
जमीं का वजूद चीर कर गुज़रा ;
खनखनाते  गाते हुए गुजरा !
हद्द-ए -गिरफ्त-ए-ख्याल से परे , ,,, 
आबशार हूँ फलक से बख़्त ले गुज़रा !!..तनुजा ''तनु ''

झरना  
साधक मीत अचल खड़ा,  करे नहीं उत्पात ; 
निर्झर गीत मधुर बड़ा ,   मीठी करता बात !
आसक्त, विरक्त, जुड़ता, वर्तमान,कल, साथ , ,,,
प्रेम सिंधु मय स्नाता ,     भीगा भीगा आज  !!...तनुजा ''तनु ''

 आबशार , ,,

   अब्तर हुआ बशर, अश्क बहते नहीं आबशार से ;
   ढाता जुल्म, करता  गुनाह, छूटा हर इकरार से !
   सैल-ए-खुराफात में झूठा रोना रोती  रहीं आँखें , ,,,
   प्यार से मानता नहीं, कोई नाता नहीं बहार से !!...तनुजा ''तनु ''


आबशार 


जर्रों के अजदहाम में, आबशार भी हैं ;
गुल अकेले तो न थे कभी, खार भी हैं ! 
खुश हो कर जी ले खुदा साथ है तेरे , ,,,,,
कुछ हिसार भी हैं कुछ असफ़ार भी हैं !!...तनुजा ''तनु ''

 जर्रों particles;
अजदहाम  sea of humanity;
हिसार   fort
असफ़ार  यात्राएं (सफ़र का बहुवचन), प्रवास,

झरना 


गति ले निर्झर झर रहा , गिरि में आई जान,
अंतर से बह फूटता ,  कल कल इसका गान !
चलते जाना कह रहा ,  धुन यही चरैवेति ;
सीख देता यह पथ में,  चलते रहो महान , ,,,,,तनुजा ''तनु '' 


झरना 


  सुखद सुरम्य रचाया तुमने, कण कण सृष्टि का !

  खेल  मधुरम दर्शाया तुमने,   पल पल दृष्टि का !!
  वर्षा से झर झर झरते शैल ,  प्रेम घट अमिय का , ,,,,
  झरने सा सरसाया तुमने ,     जीवन समष्टि का !! ,,,,,..तनुजा तनु 

Tuesday, March 15, 2016


बाजार से गुज़र कर खरीदार न बनिए ;
दुनिया दिखावा है नमूदार न बनिए !
दिल एक आइना जिसमें रहता प्यार है , ,,,
दिल में समाइये न !! इश्तहार न बनिए  !!,,....तनुजा ''तनु ''