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Saturday, October 8, 2016





बूँद छोटी दर्प बड़ा, ------- जानता ये जहान, 
गर्म होकर भाप बनी,----उड गयी आसमान !
मेघ बन लगी गरजने,  फिर उतरा अभिमान, ,,, 
लो बूँद आ गयी धरा, ------ खोजूँ वाष्प जान !! ..''तनु ''

Friday, October 7, 2016



क्या है आप ?


शोला-ओ-शबनम कभी बरसात आप भी,
अंगार हो कर आब हैं  जलजात आप भी ! 

वादों का एतबार क्या, आयी न मौत भी ,
झूठे जहां के सच,उलझती बात आप भी !

दोस्ती का दम भरते वो नासेह ना रहे ,
छुरी बगल में रखते करते घात आप भी !

गर संग के रग होती, बहता ख़ून भी ?
समझे ग़म जिसे शरार वो आफ़ात आप भी !

इश्क में दिल कुर्बान किया क्या है जिंदगी ?
आखिर को दिल से कहें जज़्बात आप भी , ... ''तनु ''

Thursday, October 6, 2016


शब्दों की एलओसी मत पार करो रे 

शब्दों की एलओसी मत पार करो रे !
तलवार दुधारी है,   मत मार करो रे !! 

चुभती, तोड़ देती है,  मन की सबलता !
चाशनी सी ज़ुबान ,  मत खार करो रे !!

सुर हो !! असुरों सी क्यों जुबान चल रही !
रहो चुप सुनों समझो, मत प्रहार करो रे !!

देख बलि का लहू उबकाई सी आती !
तुम धीरज व्रत धारो, मत धार करो रे !!

 रहने दो गड़े मुर्दों को उनको न झिंझोड़ो !
भली जान का जीना, मत दुश्वार करो रे !!

जात-पात सच-झूठ, पापी औ पुण्यात्मा !
अरे!!!तुम न्यायाधीश नहीं, मत उद्धार करो रे !!

अब जलाओ ''तनु'' तुम अज्ञानता का रावण !
 बारूद की भट्टी में , मत संसार करो रे !!... ''तनु ''







Tuesday, October 4, 2016



जो आज मुझे अकेला छोड़ गए , ....
 ... मेरे भुआ सा को प्रणाम उनके लिए मेरी विनम्र शृद्धांजलि 

म्हारा पीरा री वाट,
 म्हारा भुआ सा रो गाम!
पेला भुआ सा रो गाम,
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ;
म्हारा पीरा री वाट , ,,,

म्हारी हर ख़ुशी में साथ ,
ग़मी माय माथे मेल्यो हाथ !
म्हे कदी देखि नी घाम,
पेला भुआ सा रो गाम ,... 
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ;
म्हारा पीरा  री  वात ,
म्हारा पीरा  री वाट !!

आज म्हें एकली ,
वीती नि विति या शाम !
कसी एकली या शाम ,. 
काई करूँ हो राम;
 पेला भुआ सा रो गाम, ,,
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ;
म्हारा पीरा री  वात ,
म्हारा पीरा री वाट !! 

म्हारी माँ ती भी वत्तो ,
म्हारा भुआ सा रो प्यार! 
असि रूंखड़ा री छाय , ,,
वसा थें म्हारा माँ धाय! 
रिश्तो लोई ने चाम ,.. 
पेला भुआ सा रो गाम ,
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ; 
म्हारा पीरा री  वात ,
म्हारा पीरा री वाट !!

उग्यो आज अंतिम दन ,
 कण ने कणी से काम !
सगळा ने राम राम !
सगला से राम राम !!
पेला भुआ सा रो गाम ,
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ;
म्हारा पीरा री  वात , ,,
म्हारा पीरा री वाट !!

थें जठे भी जा जो , ,,
म्हारा हिवड़ा ति दूर नी !
थें जठे भी रिजो; 
थें दिखोगा तो कदि नी !
अबे किसो है थांको गाम ,. 
काई वठे रूंखड़ा री छाँम ! 
पेला भुआ सा रो गाम , ,,
पाछे म्हारा बापू सा रो धाम ;
म्हारा पीरा री  वात , ,,
म्हारा पीरा री वाट !!''तनु ''













Saturday, October 1, 2016



राखी मेलो पूजा में,   ई भावना रा फूल ,
नयना रा बारि दीवड़ा,भले थें जावो भूल !
मनवा  ति मैया बंधी आवे बिना बुलाय , ,,,
बिन नैया तर जाइजो परेम नदी रा कूल !!  ''तनु ''



पूजा में रख दीजिये ,  ये भावों के फूल ;
दीप जलाकर नैन के,  चाहे जाना भूल !
 तुमरे मन से वो सधा, आता बिना बुलाय , ,,,
बिन नैया पा जाइये , . प्रेम नदी के कूल !!..''तनु ''




झुकी गर आँख, ,, तो दिल की कहानी यूँ सुनाओगे ;
तुम्हारे  होंठ कलियों से , मुस्कुरा कर यूँ , खिलाओगे ! 
भली है एक रात भला है एक चाँद भी यहीं आसमा में 
 इबादत इश्क की चाँद तारों को दुनिया यूँ  बनाओगे !...''तनु ''