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Saturday, January 11, 2020

क्या क्या तू लिख जाय ;



लिखने वाले हाय रे , क्या क्या तू लिख जाय ;
धरती को मूरत बना ,      माया से नहलाय !
माया से नहलाय !          बर्फ की करे बुवाई ;
बहरों से बतियाय,      उसर में फसल उगाई !
रही ''तनु'' घबराय ,      जगत के देखे अपने !
झूठा मन भरमाय,   बोल ?? बैठेगी  लिखने !! .. ''तनु ''

Wednesday, January 8, 2020

चाँद देख जियरा जरे है!


चाँद देख जियरा जरे है!
चाँदनी जी, जी, मरे है!!

बात करते फूल झरते !
वो तो  ऐबों से परे है!!

ख़्वाब सागर की लहर है! 
डूब कर भी क्या तरे है!!

इश्क़ ने बख़्शा है जिसको!
बे- हुनर जीये  मरे है!!

और जिसको इश्क़ नवाजे !
वो खुदा से भी परे है !!

ले गया है धड़कने भी!
जो मेरी जद से परे है !!

कह गया जो मुझको कातिल!
वो ना दुनिया से डरे है!!

पा लिया है मुझ पे काबू!
बात बातों में करे है !!

मैं मुक़ाबिल आइने के !
अक्स उसका ही उभरे है !!... ''तनु''

है सभी का वजूद मेरा छोड़ कर!

है सभी का वजूद मेरा छोड़ कर!
आशियाना था बसेरा छोड़ कर!!

आँधियों ने अँधेरे जब जब किये !

दूर जुगनू भागे डेरा छोड़कर !!

स्याह रातों, चाँद का भी जी घुटे!

जा रहा सूरज सवेरा छोड़ कर!!

गीत रूठे, सावन झूले रुक गये !

बारिश गयी घन घनेरा छोड़ कर !!

हो गया बस तुझसे कुछ लेना नहीं!

 जा रहा मैं दर ये तेरा छोड़ कर !!

आते - जाते थक चुका हूँ भागते !

अब रुकूँ न आख़िर फेरा छोड़ कर !!

कनक पिंजर में आत्मा का वास है !

चाह जाना, जग बखेरा छोड़ कर!!

आज सो लूँ  चैन पा लूँ नैन भर ,

क्यों रहे प्रभु 'तनु' सा चेरा छोड़कर ?... ''तनु ''

Tuesday, January 7, 2020

पेड़ जब एक मरता है, बहुत इंसान मरते हैं!

पेड़ जब एक मरता है, बहुत इंसान मरते हैं!
कर रहे हैं बंजर जमी, वो किसी से न डरते है!!

ख़्वाब ये अंधी आँखों का, एहसास भरा दिल टूटा!
वे कभी उफ्फ़ नहीं करते, ना कभी आह भरते हैं!!

क्यों फूल सूखे बहारो में,  यूँ गर्म हवा के होने से!
तपन से जलती धरा, मगर हम कुछ भी न करते हैं!!

मंज़िल मंज़िल कैद में और हर मकां मुजरिम रहे!
साँस घुटती  रूह प्यासी, जी रहे यूँ,   न मरते हैं!!

ये सदी ख़ौफोख़तर की,  दर्द है तारीकियां है!
आदमी के जंगलों में,  आदमी जान हरते हैं!!

सुर्ख़ होठों में दबी खामोशियाँ कुछ कह पाएँगी ?
फूल हरसिंगार ''तनु'' अब न खिलते हैं न झरते हैं !!... ''तनु''









Saturday, January 4, 2020

ऐसा ही होता है !

ख़्वाबों,ख्यालों मदहोशी में, ऐसा ही होता है !
चाँद शरमाया घटाओं में,     ऐसा ही होता है!!

फूल कलियाँ खिल गये, यहाँ भँवरे भी गाने लगे !
अभी तुम ही मुस्कुराये हो, ऐसा ही होता है !!

दिल लगाया,  रोये बहुत हम दूरियाँ भाती नहीं !
पास हो तुम, समय भागे क्यों,  ऐसा ही होता है !!

ग़ज़ल में बन गया घरौंदा, बुलबुल भी गाने लगी!
कहीं है चाँद तो कहीं चकोर, ऐसा ही होता है !!

लरजते लब भी होंगे, महकती ज़ुल्फ़ भी होगी !
नाज़ो-अंदाज़, शोख़ियाँ, मस्ती ऐसा ही होता है !!

कभी रंजिश कभी आशनाई, है प्यारा दिलदार !
इश्क़ में जब इश्क़ मिले, ''तनु'' ऐसा ही होता है!!.... ''तनु''







Thursday, January 2, 2020

ख़ौफ़ बिकता मोल बिन, और मुनाफे में तबाही ! 
खून से लथपथ ज़मीं है,     कौन देगा ये गवाही !!

बात उन की शीर शीरीं,  संग सब उनके हुए !
इस तरह मिलती गयी है, खास उनको बादशाही !!

कुछ सवाल गए भाड़ में, कुछ रखे हैं ताक पर !
बहुत बड़े फ़नकार हैं ये,  कीजिये बस वाहवाही !!

बैठते वातानुकूलक, मापते हैं शीत गर्मी !
पी रहे हैं कोक, फेंटा, भूलते मटका सुराही !!

देश में ऐसी जम्हूरियत, सिकीं सियासती रोटियाँ !
रो रही मजबूर जनता,  खो गए दीन -ए - इलाही !!

वो नहीं पूछेंगे हाल''तनु''आप अपनी जानिये !
कौन है जो चल के पूछे  कहाँ हैं जिल्लेइलाही !!.. ''तनु''

ताबीर का बाज़ार है, हम तो यहीं खड़े हैं !
कितने अफ़सोस की है बात, गरीबी में पड़े हैं !!

किस्मत की कहानी में , सितम और सितमग़र !
एक अपनी ही बस्ती है, जहाँ पर शूल गड़े हैं !!

दस्तार ने कई बार उनके क़दमों को चूमा !
एक वो हैं कि आइने से बात करते अड़े हैं !!

सूरज के इशारों पे  मैं चलता ही गया हूँ !
दरिया ही रहा प्यासा ये नियम भी कड़े हैं !!

आस थी इस राह में कभी हमराह चलेंगे !
कोई नहीं जो दीया बन के तूफां से लड़े है !! .... ''तनु''