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Monday, May 10, 2021

बंदगी भी बवाल हो जाए

 


बंदगी यूँ बवाल हो जाए;
फिर इमा भी सवाल हो जाए!

कैफ़ियत मौत की लिया करते हैं;
क्यों न जिंदगी मिसाल हो जाए!

लुत्फ़ आये न क़ायदा क़ाज़ी में;
यों उरुज पर उबाल हो जाए!

हरहमेश चुहुल किया नहीं करते;
झूठ ही सच है ख़याल हो जाए!

भूखी नज़रें गुनाह करती हैं ;
के शर्मिंदा अकाल हो जाए!

चाहतें कुरबतें जिन्दा रखनी है;
रंक ''तनु'' मालामाल हो जाए!...... ''तनु''











Thursday, May 6, 2021

बात दिल पे लगी है देख ज़रा

 

बात दिल पे लगी है देख ज़रा;
के नश्तर सी चुभी है देख ज़रा!

क्यों अश्क़ खून के पिलाए तूने;
गलन और ही बढ़ी है देख ज़रा!

जिंदगी खार खार हमेशा से;
जो कभी न महकी है देख ज़रा!

कब मिलेगा जवाब दे दे तू ;
हद सवाली बनी है देख ज़रा !

ख़्वाहिशों का ज़रा गला घोटा;
ज्यादातियां हुई है देख ज़रा!

हाथ में आ गई ख़ुदाई क्या ;
आँख आँसू भरी है देख ज़रा!

हो न जाए शराब सर पे सवार;
ज़िद फिसलन भरी है देख ज़रा!

ख़ासा मग़रूर हो गया है ''तनु'';
आसमां ही ज़मी है देख ज़रा!....... ''तनु ''

अब दिलों में फासले हैं, अच्छा है

अब दिलों में फासले हैं, अच्छा है;
अब अहम के रास्ते हैं,  अच्छा है! 

गुड़ जुबाँ में घोल तो लेते जनाब ;
रही कड़वी तीखी जुबाँ,  अच्छा है !

बोल कर ऊँचा बात मनवाइये मत ;
हमेशा रहे न कोई गुलाम, अच्छा है!

उम्र भर के ख्वाब तोड़कर पूछना;
खोलिये अपने राजे दिल, अच्छा है!

छोड़कर घर चल चल दिए थे हम;
आपने फिर अब कहा, अच्छा है!........ ''तनु''

Tuesday, May 4, 2021

फैसले मत कर तू काँव काँव में

फैसले मत कर तू काँव काँव में ;
सोच शांति से तू ठंढी छाँव में !

फूल उगते नहीं बिना काँटों के;
कठिन है उलझना किसी दाव में !

इतनी आज़ादी भी बुरी है बहुत;
ज़ंज़ीरें रख थोड़ी तो पाँव में!

अब शहर शहर ढूँढना पड़ता है;
एक सिरा जो छूटा है गाँव में !

बहुत हुई दूरियाँ मेल तो रख;
आजा यहीं बसेरा ले ठाँव में !!...... 'तनु'


बात वादा कसम ईमान जायगा

 

इश्क जैसा अगर अरमान जाएगा,
बात वादा कसम ईमान जागा ??

मुझको ख़्वाबों में भी अंदाज़ा न था,
धीरे - धीरे घर से ये सामान जाएगा??

गुनगुनाते भँवरे फूल ये तितलियाँ,
क्या ख़बर थी सारा गुलिस्तान जाएगा??

यूँ बलाएं ड़ाल आगाज़ हो गया,
दिल से कैसे अब ये अहजान जाएगा??

सो गये सुर मंदिर में आरती बिन,
खो सदा नूरानी आज़ान जाएगा??

देख मौज़ूँ , मजमून ऐसा मत लिख,
भूल तुझको कैसे इंसान जाएगा ??...... 'तनु'

Monday, May 3, 2021

सच्चों की अब दासता है देखिये

 

सच्चों की अब दासता है देखिये;
झूठों से अब वास्ता है देखिये!

कुंडली मार कर घेरा इस तरह;
तड़फा तड़फा मारता है देखिये!

ऐंठ को फिर आज़मा आज़मा कर;
प्यार कैसे दफनाता है देखिये!

आबशारों यूँ जहर घुलता रहा;
मुश्किल बना रास्ता है देखिये!

जड़ लगी करने तबाह मिटटी को;
प्रेम ज्यादा ही आस्ता है देखिये!

क़ैद में अब यहाँ तुर्शियाँ-तल्खियाँ;
नीची नज़रें वाबस्ता है देखिये!

साथ मुँह के आँख भी ढँकना होगी;
साँस साँस 'तनु' शिकस्ता है देखिये!.... 'तनु'

Saturday, May 1, 2021

भूलना मत सितारों की निगेहबानी को


भूलना मत सितारों की निगेहबानी को ; 
याद रखना तुम खुदा की महरबानी को !

फूल में ख़ुश्बू रंग हीना में डाल देता है ;
तासीर देता महकते इश्क जाफरानी को !

सींच काँटों को गुलशन बना वो देता है ;
जानेगा कैसे कोई उसकी बाग़वानी को ! 

गलतियाँ हर माफ करके प्यार देता है ;
प्यार से ऐसे भुलाता तेरी बदगुमानी को !

ये दरख़्त उजड़ते, साये बरगदों के क्यूँ ;
दिलफ़िगार करे किसी की बेज़ुबानी को !

तनु ख़तायें कर रहमत खफा ना करना तुम;
भूलता न कोई किसी की बेइमानी को !.... ''तनु''