दीप ज्ञान का , जला जला अज्ञान , ज्ञान गुरु का । .... ''तनु '' निगुरा गुन, गुरु बिन अधूरी , ज्ञान महिमा। .... ''तनु ''
Saturday, August 30, 2014
ये तुम्हारे पाप की गठरी है जो तुम्हारे ही सर है , दाता है सदा देता ही रहा --- देगा दाता का दर है ! कहूँ विष वल्लरी पर अमृत फल लगा दिए उसने , बाकी कायम रहा ये तुम्हारे विश्वास का असर है !!… ''तनु ''
Friday, August 29, 2014
बालक ने जिम्मेदारियाँ- ओढ़ ली, जनम भर कर्ज की चादर ओढ़ ली। गुनाह ये कैसा उससे क्यों कर हुआ ? खुशियों की डगर से राहें -- मोड़ ली। .... ''तनु ''
लोलुप मन ! अनगिन लालच,,, मोह पीड़ित !! माया मरे न ! दलदल में फँसा …… मन मरे न !!'' तनु '' पट न पायी, उधेड़बुन रही,,,,, माया ठगिनी !!!''तनु '' भर उंडेले ,,,,, गागर में सागर!!! कवि हृदय। ''तनु ''
चाहत रही , धूम्रवर्णा विदुषी !!! उलझा रही ,,,''तनु '' अज्ञात चाह , कपट की रपट !!! पट झीना सा ,,,''तनु ''
बेवजह खता हुई के-- खाता न हुआ ! जब खाया ही नहीं तो खाता न हुआ !! इल्म न था के ये आभासी नहीं ,,,,,,,,,,,,,,,,, गरीब यूँ ही खाता था खाता न हुआ !…''तनु ''
मैं जानता हूँ टूटे --छप्पर को सहारा देगा कौन ? मैं जानता हूँ मौसम का मिजाज़ बदलेगा कौन ? तेरे आसरे हूँ ऐ ऊपर वाले अब तो जमीं को देख,,,,,,,, मैं जानता हूँ ---बादलों को बूंदों में बदलेगा कौन ?…''तनु ''
Wednesday, August 27, 2014
झीने झीने खटोले पर --- --- सो रहे गण राया ! आओ लल्ला उठकर आओ,-- माँ गौरी ने बुलाया !! मोदक के थाल सजे हैं,-- मोतियो से चौक पुराया ! मधुर वीणा बजी,- वाणी ने स्वागत गान सुनाया !! लल्ला ने आँखें खोली और -मन ही मन मुस्काया ! मोदक की मीठी खुशबू ने- भालचंद्र को ललचाया !!