Labels

Sunday, August 31, 2014

दीप ज्ञान का ,
जला जला अज्ञान ,
ज्ञान गुरु का ।  .... ''तनु ''

निगुरा गुन,
गुरु बिन अधूरी ,
ज्ञान महिमा। .... ''तनु '' 

Saturday, August 30, 2014

ये तुम्हारे पाप की गठरी है जो तुम्हारे ही सर है ,
दाता है सदा देता ही रहा --- देगा दाता का दर है !
कहूँ विष वल्लरी पर अमृत फल लगा दिए उसने ,
बाकी कायम रहा ये तुम्हारे विश्वास का असर है !!… ''तनु '' 

Friday, August 29, 2014

 बालक ने जिम्मेदारियाँ-  ओढ़ ली,
 जनम भर कर्ज की चादर ओढ़ ली। 
 गुनाह ये कैसा उससे क्यों कर हुआ ?
 खुशियों की डगर से राहें -- मोड़ ली। .... ''तनु ''




लोलुप मन !
अनगिन लालच,,,
 मोह पीड़ित !!

माया मरे न !
दलदल में फँसा ……
मन मरे न !!'' तनु ''

पट न पायी,
उधेड़बुन रही,,,,, 
माया ठगिनी !!!''तनु ''

 भर उंडेले ,,,,, 
गागर में सागर!!!
 कवि  हृदय। ''तनु ''

चाहत रही ,
धूम्रवर्णा  विदुषी !!!
उलझा रही ,,,''तनु ''

अज्ञात चाह , 
कपट की रपट !!!
पट झीना सा ,,,''तनु ''

निनाद सुन,
अनहद अथक !!!
सगुन गुन ,.... ''तनु ''

ब्रह्म तेजस, 
ब्रम्हा विष्णु महेश !!!
ॐकार सत्य ,.... ''तनु ''

ज्ञान महिमा !!!
गुरु बिन अधूरी, 
निगुरा गुन। …'' तनु ''

बेवजह खता हुई के-- खाता न हुआ !
जब खाया ही नहीं तो खाता न हुआ !!
इल्म न था के ये आभासी नहीं ,,,,,,,,,,,,,,,,,
गरीब यूँ ही खाता था खाता न हुआ !…''तनु '' 
मैं जानता हूँ टूटे --छप्पर को सहारा देगा कौन ?
मैं जानता हूँ मौसम का मिजाज़ बदलेगा कौन ?
तेरे आसरे हूँ ऐ ऊपर वाले अब तो जमीं को देख,,,,,,,,
मैं जानता हूँ ---बादलों को बूंदों में बदलेगा कौन ?…''तनु ''

Wednesday, August 27, 2014

झीने झीने  खटोले पर  --- ---   सो रहे गण राया !
आओ लल्ला उठकर आओ,-- माँ गौरी ने बुलाया !! 
मोदक के थाल सजे हैं,-- मोतियो से चौक पुराया !
मधुर वीणा बजी,- वाणी ने स्वागत गान सुनाया !!
लल्ला ने आँखें खोली और -मन ही मन मुस्काया !
मोदक की मीठी खुशबू ने- भालचंद्र को ललचाया !!