कल्पक रचे अम्बर की छलनी छनती बूँदें …''तनु '' बन मुकुट धरा मस्तक छाई तुषार माला
१ स्नेहिल स्पर्श झाँक फुनगी हटा वसु उतरी २ विषतूलिका झाँक फुनगी हटा टपकी धरा ३ हुआ स्वतंत्र झाँक फुनगी हटा अमृत मन्त्र ४ निरख पुष्प झाँक फुनगी हटा मयूख हँसे ५ किरण संग झाँक फुनगी हटा सूरज बैठा