इंतज़ार , ,, झील, पानी, नाव इशारा क्या करे ; तू नहीं अब दिल बिचारा क्या करे ! ढल गया वक़्त भी, परछाई साथ है , ,,,, बिन तुम्हारे ये नज़ारा क्या करे !! ''तनु ''
झील, पानी, नाव इशारा क्या करे ;
तू नहीं अब दिल बिचारा क्या करे ! ढल गयी शाम फ़क्त साया साथ है
बिन तुम्हारे ये नज़ारा क्या करे !! ''तनु '' झील, पानी, नाव इशारा क्या करे ;
तू नहीं अब दिल बिचारा क्या करे !!
ढल गयी शाम परछाई साथ है ;
बिन तुम्हारे ये नज़ारा क्या करे !!
मैं भँवर में डूबता हूँ ऐ सनम ;
टूटा दिल छूटा सहारा क्या करे !!
घुंघरू पाज़ेब के खनके कहीं ;
गीत में ग़म साज़ यारा क्या करे !!
रोज़ यादों में फ़साने को लिक्खूँ ;
रोशनाई बेरंग, कारा क्या करे !!
उठ गयी 'तनु' भीत ऊँची बैर की ;
ये झरोखा ये ओसारा क्या करे !!.... ''तनु''
क्या बनो , ,, बाजार से गुज़रो न खरीदार बनो ; दुनिया दिखावा है न नमूदार बनो ! एक आइना है जो दिखाता सच है , ,, दिल में समा जाओ न इश्तहार बनो !!,,....तनुजा ''तनु ''
चलता चल ,
आहिस्ता-आहिस्ता रंजूरी देखना ;
आब -ओ- गिल से मत दूरी देखना !
वक्त को मुट्ठी में रखना बांधकर ,
क्यों फिर मकाम-ए- मजबूरी देखना !! ...तनुजा ''तनु ''
Saturday, February 27, 2016
सुप्रभात !!! रजनी श्याम सुन्दर सी न्यारी, तारों से करती है बात ! मोहक मुरली की धुन प्यारी , खिले खिले से नवल प्रभात !
Thursday, February 25, 2016
रूह
रूह अपनी ले चला हूँ इस शहर से ; टूट कर रोड़ा हुआ हूँ खँडहर से ! छीन दीये की लौ गहराया तम है, ,, पूछता फिरता रहा हूँ फिर सहर से !! टूटती ऊँची चिनाई, है दर कहाँ ; कौन बतलाओ !! बचा कैसे कहर से ! गुज़रता दिन आ गयी है रात क्यों कर; क्या लगेगा वो किनारे ही लहर से !! सोच !! लिखता खूं भिगो किस्सा-ए-जिंद ; बोलियाँ खोयी, गए सो, सौ जहर से !... तनुजा ''तनु ''
Tuesday, February 23, 2016
याद यादसारा जहां करे यूँ ही ; कोई बाकी नहीं कसर रखिये ! आज जाने घडी, वही मुक़र्रर, , काज अपने सदा सुघर रखिये ! ''तनु ''