चुप चुप क्यों सहा तुमने, करते तो फरियाद! हो सकता था घुटन से, हो जाते आज़ाद!! हो जाते आज़ाद , अगर जो दिल की कहते ! अपनो के आघात, अकेले तुम ना सहते!! दिल से हो बेज़ार, बने अपघाती छुप छुप ! गये हौसला हार, क्यों सहा तुमने चुप चुप!!... 'तनु'
कोरोना के राज में, तगड़ी भागमभाग! साफ सफाई का सभी, आलापे मिल राग!! आलापे मिल राग, हर पल भरम में रहते! धोते फल औ साग, बात भी दूर से करते!! बदल गये हैं भाग, यह है रोज का रोना! तगड़ी भागमभाग, खूब भगाय कोरोना!!... ''तनु''
जीते जी अवसान है, मरने पर न मसान! अनचाहे इस रोग का, दर्द सहे इंसान!! दर्द सहे इंसान, पीर देखी ना जाये! घ्राण शक्ति का ह्रास, स्वाद भी खोता जाये !! नहीं उतरता ताप, बदन जकड़न से टूटे! कोरोना है काल, अवसान जी के जीते!!..... ''तनु''
पूछता है क्या मेरी परछाइयों से! मैं ही तो गुज़रा मेरी तन्हाइयों से!! साथ चलता ये मेरा ही तो साया है! जो पुकारे है दिल की गहराइयों से!! साज छेड़ो तार कोई झनझनाया! राग सोया जागता शहनाइयों से!! प्यार का दीवाना एक सिर्फ मैं ही ! ये जहां सारा भरा हरजाइयों से!! गीत जो गाये तुमने और मैने यहाँ! गूँज रहेंगे वे तराने वादियों से!!... ''तनु''
लाखों की फ़िक्र और पापी से सवाब हैं !! पूरे हुए न वादे रही अधूरी ख्वाहिशें ! बातों की फ़िक्र और उलझे से जवाब हैं !! सामना होते 'तनु' मुँह तो मोड़ लेंगे वो ! वादों की फ़िक्र और न हमसे आदाब है !!... ''तनु''