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Saturday, June 12, 2021

मुट्ठियाँ लहरा कर हवा में लगा रहे नारे हैं

मुट्ठियाँ लहरा कर हवा में लगा रहे नारे हैं;
उम्मीद में अच्छे दिनों की जगा रहे धारे हैं!

टालते जो हैं सवालों को वो देश के दुश्मन;
दिवस झुलसा जूझती रैना भगा रहे तारे हैं!

खौफ लेकर हम कज़ा का जीते जमाने में;
उठा जनाज़ा कहीं अर्थियाँ सजा रहे सारे हैं! 

तू तसल्ली दे, दिलासा दे, और दे दुआ बहुत;
मंज़िल की तरह हादसे क्यों ठहर रहे कारे हैं !

लोग फूलों के जैसे पर क्यों हाथों में है पत्थर;
लेकर मकसद अँधेरे का विधि के रहे मारे हैं!

कब ख़ुशी बाँटोगे तुम सदा ही घर जलाये हैं;
सब जला देंगे हाथों''तनु''जलते हुए अंगारे हैं !.....''तनु''


Sunday, June 6, 2021

मैंने सुंदर से ख्वाब ही चाहे

मैंने सुंदर से ख्वाब ही चाहे ;
फ़िर कहीं कुछ गुलाब ही चाहे ! 

जिंदगी से सवाल था मेरा ;
अच्छे से कुछ जवाब ही चाहे !

आदत बुरी, नहीं जफ़ा देखूँ ;
और ना कभी सराब ही चाहे !

रात दिन एक कर के मैंने तो ;
तने मुझमें खिताब ही चाहे !

अंधियारा कहीं नहीं देखूँ ;
 उजियारे बे-हिसाब ही  चाहे !

एक दरिया मिला मुझे मीठा ;
कौन धारे ख़राब ही चाहे !!

'तनु' इंतज़ार अभी ख़ुशी का है;  
कौन पागल अज़ाब ही चाहे !!..... ''तनु''


Thursday, June 3, 2021

ऐ ख़ुदा तूने इमान क्यों बदला मेरा

 ऐ ख़ुदा तूने इमान क्यों बदला मेरा;
 था तेरा ही, सामान क्यों बदला मेरा! 

राख में भी सो रही चिनगारियाँ थी;
लम्हा-लम्हा वीरान क्यों बदला मेरा!

ये सन्नाटा था मरासिम, मेहमां नहीं;
आदतन ख़ुश, ज़िन्दाँ क्यों बदला मेरा!

चेहरा यूँ फेर लेना क्या ज़रूरी था;
 तू नहीं तो, पासवान क्यों बदला मेरा!

परस्तिश में पारदारी चाहिये क्यूँ ;
इक  पल में अरमान क्यों बदला मेरा!

भीगती पलकें यादों की बौछारों से;
ज़मी था आसमान, क्यों बदला मेरा!

फिर वहीं लौट के जाना नहीं है ''तनु'';
रास्ता न था आसान क्यों बदला मेरा!.... ''तनु''

 


Wednesday, June 2, 2021

याद दिल से हमें किया होता

याद दिल से हमें किया होता; 
मिले जब मोड़ पर हँसा होता! 

जिंदगी तो सदा रही उसूल; 
तोड़ कुछ कायदे जिया होता! 

यह 
तकाज़ा वफ़ा निभाने का; 
प्यार में ख़ुद फ़ना किया होता!

एक हम ही निशां थे मंजिल के;
फिर पड़ाव न कहीं किया होता! 

ज़ाहिर है की दुआ सभी पाते;
रूह ग़र कुरआन किया होता !

कभी तुम ही नज़र मिला लेते;
''तनु'' दुआ सलाम ही किया होता!.... ''तनु'' 



Tuesday, June 1, 2021

हम तेरा एतबार करते रहे;

हम तेरा एतबार करते रहे;
इश्क़ को दाग़दार करते रहे !

दिल लगा करके एक मूरत से;
खुद को ही दिलफ़िगार करते रहे !

प्यार की राह में मिला धोखा;
फिर अकेले अस्फ़ार करते रहे !

चाँदनी में बिखर-बिखर कर हम;
चाँद को तार - तार करते रहे !

ज़ख्मे - दिल दर्द, खून के आँसू;
झूठ का कारोबार करते रहे!

और दुनिया में कौन था किसकी;
बंदगी बार - बार करते रहे!

ग़र्क़ होना भँवर में था लाज़िम;
दर्द को तलबग़ार करते रहे!

तू तो सच्ची ''तनु''आइने जैसी;
तोड़कर खार-खा करते रहे!.......''तनु''



Monday, May 31, 2021

जी हो कभी खराब रुलाना ठीक नहीं,

 

जी हो कभी ख़राब रुलाना ठीक नहीं,
नाज़ुक हो जज़्बात भुलाना ठीक नहीं!

मैं बेटी हूँ ख़्वाहिश मेरी खूब पढ़ूँ ,
अच्छी है शुरुआत फ़साना ठीक नहीं!

पावस की बूँद धरा पर जलधर लाई,
पर बे-मौसम बर
सात आना ठीक नहीं!

संग बेटियाँ बेटों को भी दो संस्कार,
नज़रें यूँ हर बार चुराना ठीक नहीं!

ये सियासतदान सभी मुद्दे सियासी,
अंगुलि पर संसार नचाना ठीक नहीं!

लोग हँसें, तंज करें, तब टूटता है जी,
झूठमूठ फिलहाल बहाना ठीक नहीं!

बुरा ज़माना हार छुपाई थी जग से,
भग्न हृदय आघात लगाना ठीक नहीं!

अभी ग़फलत पहचान पाना है मुश्किल,
दुनिया को हर बात बताना ठीक नहीं!

मुझसे जियादा मैं तमाशा बनती हूँ,
''तनु''छुप कर बाज़ार लगाना ठीक नहीं!..... ''तनु''

Saturday, May 29, 2021

साँस घुटती जा रही मेरी इबादतगाह में

 साँस घुटती जा रही मेरी इबादतगाह में;

है न जाने जोश कितना और मेरी आह में!


मुंतज़िर मैं प्यार का हूँ आह अब डसने लगी; 

छा रहा बेहद अँधेरा जिंदगी की राह में!


आरज़ू लेकिन कहाँ, मायूस दिल के सामने;

भूल जाऊँ आपको मैं, क्या रखा है चाह में !

जुस्तजू क्यों जाग जाती फिर दिले नादान में ;

जां करूँ मेरी निछावर रात दिन परवाह में !


दूर रहकर आज काबू दिल कोई क्या करे ;

जागती अभिलाष मेरी रख सजना निगाह में!


चाह बरसूँ बन बदरिया सावनी मैं साजना;

आ गया है देख सावन''तनु''रखना निबाह में!!.... ''तनु''