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Friday, August 8, 2014

भाव बंधे हैं,
दूर हों या पास हों,
भाई बहन। ……… ''तनु ''

साँझ आगत  ,
रात दिन मिलना !!!
निशा स्वागत !.... ''तनु ''
प्रेम बंधन
न कोई अकिंचन
भाव सिंचन। … ''तनु ''
तुझे बांधा है 
अपने पराये का 
न भेद रहा    ''तनु'' 

Wednesday, August 6, 2014

दादा सा सोवै 
खड़ी एक खुणा में
कुबड़ी रोवै  ……''तनु ''
बाँधी जतन
रेशम की ये डोरी
खोलना नहीं ''तनु ''

तू प्यार करे
निभाये प्रीत रीत
रक्षा बंधन। ''तनु ''

माँ जाया वीर
अव्यक्त अनुभूति
रक्त सम्बन्ध  ''तनु ''

बहना मेरी
सजाये देहरी है
पराये देश। । ''तनु ''







कुछ  भी न कहूँ मगर नैन कह जाएंगे !
आँखों की कोर से अश्रु छलक जाएंगे!! 
जनम से माँ के साथ ही बंधे हम दोनों !
रक्त सम्बन्ध क्यों निरर्थक हो जाएंगे !! ''तनु ''






बिछड़ा प्यार ,
दर्द की तहरीर !!!
सूखा गुलाब।  'तनु '