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Wednesday, March 19, 2014

क्यों ???? अल्पविराम ख़त्म हुए ?
क्यों ??? विराम खत्म हुए ?
जब भी कहीं कोई अंत हुआ ,
स्वप्न वहीँ से शुरू हुए……।

स्वप्न अंकुरित होने का !
स्वप्न पल्लवित होने का !!
तूफान आंधी न आये कभी,
अब समय फलित होने का !

समय पाखी के उड़ान भरने का !
समय बहारों को सजा के रखने का !!
जवान उठ के जब राहें अपनी सवारेंगे ,
समय काँटों को उखाड फेंकने का !

मन की ठानी को पूरा कर लेंगे !
आज मुश्किल को आसान कर लेंगे !!
आज कोई भी राह को न रोके ,
हम तो आसमान को छू  लेंगे   ................   तनूजा ''तनु ''





Wednesday, March 12, 2014

दिनचर्या को सुधारें………………  
रोजमर्रा की आदतों को बदलें और सुधारे अपने ग्रह :
जाने अनजाने हम रोज़ाना कुछ ऐसा कर गुजरते हैं कि हमें पता ही नहीं चलता और हमारे ग्रह हमें बुरा फल देनें लगते हैं आइए हम ये जानें कि क्या क्या करने से हमारे ग्रह हमें बुरा फल दे सकते हैं ………….............. 

1 प्रथमत: आप ये जाने समझें कि हमेशा सूर्योदय से पहले उठें।  देर तक बिस्तर में पड़े रहना अपने ग्रहों को ख़राब फल देने हेतु तैयार करता है आप पद प्रतिष्ठा दोनों से ही वंचित रह जायेंगे।

2 कभी चीख  कर और चिढ़ कर किसी भी बात का जवाब न दे।

3  अगर आपको  जगह जगह कही पर भी थूकने की आदत है ,  तो यह निश्चित है कि आपको यश सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा नहीं चाहे कुछ भी कर ले। 

4 जब भी हमारे घर  कोई भी अतिथि बाहर से आये , चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला , उसे जल जरुर पिलाए , ऐसा करने से हम हमारे चंद्रमा को बली बनाते हैं  राहू ग्रह का सम्मान करते है , जो लोग बहार से आने वाले लोगो तो स्वच्छ पानी हमेशा पिलाते है उनके घर में कभी भी राहू का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता और चन्द्रमा को बल मिलने से हमारा मन कभी कमजोर नहीं पड़ता। 

5 जिन लोगो को अपनी झूठी थाली या बर्तन खाना खाकर  वही उसी जगह पर छोड़ने  की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती , बहुत मेहनत करनी पड़ती है , और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते , और इनके आस पास काम करने वाले लोग इनसे जितना हो सकता है बचते है इनसे बात करने में । अगर आप अपने झूठे बर्तन को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते है या खुद ही साफ़ कर लेते है तो  यदि हम हमारे चन्द्रमा और शनि का सम्मान करते हैं,  तो कभी भी भोजनोपरांत अपनी थाली को यूँ ही न छोडें उसे उठा कर सही जगह रखें या खुद ही साफ कर लें।   

6 जिन लोगो का राहू और शनि खराब होगा , जब ऐसे लोग अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा , सलवटे ज्यादा होंगी , चादर कही , तकिया कही , कम्बल एक तरफ , उसपर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपडे तक फैला कर रखते है , ऐसे लोगो की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती , जिसकी वजह से खुद भी परेशान रहते है और दूसरों को भी परेशान करते है , इससे बचने के लिए उठते ही अपना बिस्तर सही सलीके  से लगाये चादर पर  सिलवटें न हों बिस्तर तकिये साफ़ बिना फटे बिना बदबू के हों।  

 7  राहु शनि जिनका खराब होता है वे कभी भी समय पर नहीं उठ पाते वे समय पर सोते भी  नहीं  देर रात जागते हैं इसलिए सुबह जल्दी उठ नहीं पाते राहु उन्हें समय पर सोने नहीं देता शनि उन्हें उठने नहीं देता इसलिए राहु शनि को ठीक रखना है तो समय पर सोएं समय पर उठें। 


 8  अगर आप  नहाने के बाद  स्नानघर में आप अपने कपडे इधर उधर फेंक आते है , या फिर पूरे स्नानघर में  में पानी बिखराकर आ जाते है तो आपका चन्द्रमा किसी भी स्थिति में  आपको अच्छे फल देगा ही नहीं  हमेशा बुरा परिणाम देगा जब भी आप शौचालय और स्नानघर से बाहर निकले जिस प्रकार आपने अपने शरीर की सफाई की उसी प्रकार स्नानघर व् शौचालय भी उसी वक्त साफ़ होनें चाहिए इस प्रकार से रहने से आपकी त्वचा का ओज व् आकर्षण बना रहेगा। 

9 अगर आपको अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखनी है तो  बाहर  से घूमफिर कर आकर अपने चप्पल , जूते , मोज़े इधर उधर न फेंके  अपने चप्पल जूते करीने से लगाकर रखे , आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी ।

 10  रोज घर शाम को या कार्य स्थल से लौटते समय हमेशा ये ध्यान रखें कि खाली हाथ न हों जब भी लौटें कुछ न कुछ ले कर ही लौटें आपने अक्सर हमारे घर के वृद्ध लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि कभी शाम को खाली हाथ घर नहीं लौटना चाहिए क्योंकि हमारे शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि घर लौटते समय घर के बूजुर्गों या बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर जाना चाहिए।   इससे  बच्चे और बुजुर्ग खुश रहते है। घर लौटते समय मिठाई लाने से घर में लक्ष्मी  का वास  रहता है।  घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है, उस घर में लक्ष्मी का वास हो जाता है। हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है। ऐसे घर में सुख समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है। और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है। 

 11 पैरो की सफाई पर हम लोगों को ख़ास ध्यान देना चाहिए हर वक्त , जो हम में से बहुत सारे लोग भूल जाते है , नहाते समय अपने पैरो को अच्छी तरह से धोये , कभी भी बहार से आये तो पांच मिनट रुक कर मुह और पैर धोये , आप खुद यह पाएंगे की आपको चिडचिडापन कम होता है , दिमाग की शक्ति बढेगी और क्रोध धीरे धीरे कम होने लगेगा ।रात को पैर धो कर सोने से नींद अच्छी आती है। 

12  घर या बहार आपके नौकर और मातहत कर्मचारियों के साथ बुरा व्यवहार न करें।  शनि की साढ़े साती  है तो विशेष ध्यान रखें। 





Sunday, February 16, 2014

आगया   2014   लीजिये नववर्ष की मंगल कामनाएं ।    इस बार हम ये जानेंगे कि आपकी जन्म पत्रिका के लग्न के हिसाब से 2014 में राहु और केतु का प्रभाव कैसा होगा ? 13 जुलाई 2014 से आगे आने वाले अठारह महीने और सारे लग्न प्रभाव।

राहु और केतु के प्रभाव
 जैसा कि सब ये जानते हैं कि राहु सर है और केतु धड़ यानि राहु सिर्फ दिमाग और केतु बिना सर वाला मतलब कि जिसका  दिमाग और आँखे भी नहीं।  इनके काम भी वैसे ही सिर्फ सर वाले और सिर्फ धड़ वाले।  कहा ये गया है कि राहु शनि वत् और केतु मंगल की  तरह इंसान पर प्रभाव दिखाता है। यह भी सब जानते हैं कि ये दोनों छाया ग्रह हैं. 2014 में राहु  कन्या राशि  में जायेगा। कन्या  राशि राहु की उच्च की राशि है। राहु जिस किसी भी राशि के साथ होता है तो ये उस राशि के लिए अच्छे से  अच्छा प्रभाव दिखाने की  चाहत रखता है। फिर चाहे वो व्यक्ति टीचर हो,  राजनेता हो,  अभिनेता हो , कम्प्यूटर प्रोग्रामर हो, या  डॉक्टर हो।
क्या है ये कन्या राशि 
 कन्या राशि है स्वास्थ्य और हीलिंग, बीमारी को ठीक करना और  कैसे अपने आप को ठीक रखना। सिम्बल  क्या है (कन्या राशि  एक लड़की नाव  पर अपने हाथों में जड़ीबूटी और गेहूं लिए हुए )   जागरुकता  और स्वास्थ्य  ये हमारे समझने के लिए। कन्या राशि का स्वामी है बुध जो कि बहुत आलोचनात्मक है तुलनात्मक है तर्कशील है दूरतक सोच रखने वाला है।  ये बताता है तर्क क्यों सही है, ये न्याय से राह रखता है। इसीलिए बुध तर्क में जीतता है हर बात या जिस बात का तर्क दिया जा रहा है वो सही है या नहीं,  इसीलिए कन्या राशि साइन  है वकील का विवाद का तर्क का ,वकील अध्ययन करता तर्क पूर्ण तरीके  से विस्तृत रूप  से जज के सामने पेश करता है।अब  जबकि  राहु कन्या  राशि में है तो ये आव्हान करता है मनुष्य की  उस सोच शक्ति को  कि  शरीर को , स्वास्थ्य  को कैसे ठीक रखें। बहुत से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए कुछ हटके , कुछ अलग, दूर दूसरा कुछ करने के लिए सजग होंगे क्योकि  राहु हर वो बात चीज जो परंपरा में  हो पसंद नहीं करता वह पसंद करता है कुछ अलग कुछ हटके।राहु करता है नियमों का उल्लंघन। यहाँ बुध के साथ कन्या राशि में ये अच्छा  खाओ स्वस्थ रहो लेकिन अगर ठीक नहीं हो तो डाक्टर के पास जाओ इलाज करवाओ।  यहाँ राहु कहेगा न बाबा न मेरे पास ठीक होने के और भी दूसरे समाधान है जैसे रैकी  है   आयुर्वेद है छूकर  हीलिंग है होम्योपेथी है ये सब है। इस प्रकार की  शक्ति  राहु आव्हान करता है उन उन घरों में जहाँ पर की आपकी  पत्रिका में राहु है..
अब केतु के बारे में जान लेते हैं ;   केतु गया है मीन राशि में यहाँ ये बहुत शांत ऐसा लगता कि जैसे सो ही गया हो यहाँ इसके पास कुछ काम नहीं है करने को मेष से लेकर कुम्भ राशि तक हर घर में वो एक सैनिक तरह लड़ता चला आया है क्योंकि  ये मंगल के जैसा व्यवहार करता है और मंगल सैनिक है ,अब मीन राशि  में आकर वह निश्चिन्त होकर आराम कर  रहा है. इस प्रकार आपकी पत्रिका  में केतु जिस जगह भी है यानि जिस घर में है  वह कोई मतलब नहीं रखता  कि क्या कुछ हो रहा है उस घर के साथ अच्छा हो रहा है या बुरा उसे कोई मतलब नहीं ।
मेष लग्न----आइए  अब जानते हैं कि अगर आपका मेष लग्न है तो क्या होगा ? यदि मेष लग्न है तो राहु छठे घर में और केतु बारहवें घर में होगा। यहाँ ये दैनिक दिनचर्या में होने वाले कार्यों आपके व्यवहार का आलोचनात्मक और तर्क से विश्लेषण करके आपके काम को सही दिशा देगा  चाहे देश में चाहे विदेश में राहु  हर बाधा दूर करके काम आसान करेगा छठा घर बीमारी और दुश्मन का है यहाँ राहु बहुत चतुरता से रास्ते ढूंढ  लेगा आपको स्वस्थ रखने के , दुश्मनों से,  बाधाओं से बचने के कई रास्ते बनाकर आपकी मदद करेगा क्योंकि राहु का काम यहाँ मास्टर बन के ये सब करना है।  दूसरी और बारहवें भाव में केतु व्यक्ति जानता है  कि  वो आध्यात्मिक है पर अभी मुझे उसकी जरुरत नहीं।  मैं सब जनता हूँ आध्यात्म के  बारे में ,  मैं जैसा चल रहा हूँ ठीक है  ।

वृषभ लग्न ---- दूसरी राशि है वृषभ इस लग्न में राहु पांचवे घर में और केतु ग्यारहवें घर में प्रभाव इस प्रकार रहेगा वृषभ लग्न वालों  का सारा ध्यान अपने बच्चों पर केंद्रित हो जाएगा बच्चे क्या कर रहे हैं वे पढ़ रहे हैं या नहीं उन्हें क्या करना चाहिए और अगर वृषभ लग्न वाले खुद ही पढ़ाई करनें वाले हैं तो उस पर ध्यान देंगे अपने करियर पर ध्यान देंगे। और जो राजनीति में दखल रखते हैं वे आलोचना करते पाये जायेंगे  उसमें भी  चाहेंगे  दूसरी और केतु ग्यारहवें घर में व्यक्ति के नेटवर्क सर्कल की  परवाह नहीं करता दोस्त कैसे है ?  क्या कर रहे हैं ?  कुछ नहीं उसके खुद के बड़े बच्चे क्या कर रहे हैं ?  कोई बात नहीं व्यक्ति चाहे न चाहे  लाभ होता  रहेगा।क्योंकि यहाँ सारा ध्यान बच्चों शिक्षा  राजनीति अपना करियर खुद का सृजनात्मक व्यवहार  और अगर अभिनेता है तो अपने अभिनय को निखारने के बारे में सोचेगा।

 मिथुन लग्न ----अब मिथुन लग्न की  बात करते हैं इस लग्न में राहु चौथे घर में और केतु दसवें घर में ये प्रभाव दिखायेगा मिथुन लग्न के व्यक्ति अधिक से अधिक अपने घर की ओर ध्यान  देंगे चाहे फिर वो अपना फिजिकल घर यानि ह्रदय पेट हो या फिर वो घर जिसमें कि वे रहते हों.  वे चाहेंगे कि घर व्यवस्थित हो साफसुथरा हो हाँ यहाँ वे अपनी माँ  की ओर भी ध्यान दे पाएंगे।  वे अपने छाती पेट अंगों की  विशेष तवज्जो देंगे।इसमें केतु दसवें घर में  कर्म को दर्शाता है उसके लिए वे कोई वाद विवाद नहीं करेंगे  उनके लिए मिथुन राशि वालों के लिए  ये इसबार सिर्फ और सिर्फ अपना शरीर अपना घर  महत्व्  रखेगा वे ऑफिशियल वर्क की  ओर  ध्यान नहीं देंगे।

कर्क लग्न ---- अब कर्क राशि के लग्न में  राहु तीसरे घर में भाग्य के घर में  आध्यात्मिक रूप से रह रहे केतु की दृष्टि में बहुत ही सुन्दर तरीके से  राहु अपना तीसरे घर में रहते हुए अपना काम करता है और  वो काम है अपने पास -पड़ोस , घर -परिवार , छोटी यात्रा , कोई सृजनात्मक कार्य , अपने भाई बहनों से रिश्ते , कोई काम कैसे कलात्मक तरीके से हो सकता है यहाँ राहु देता हे साहस बहादुरी तीसरा घर बिलकुल निकट के रिश्तों का परिबोध करता है उनके काम परफेक्शन से करता है राहु और नवें भाव में बैठा केतु इस राहु के काम को सहज होने देता है..

सिंह लग्न ----अब सिंह लग्न में राहु का प्रभाव यहाँ राहु दूसरे घर में और केतु आठवें घर में विचरण करेगा यहाँ दूसरे घर में राहु ये घर जो कि धन कुटुंब और गले से सम्बद्ध है राहु विश्लेषक के रूप में सही तरीके से वित्तीय समस्या निपटाएगा  धन का संयोजन करना चहेगा और गले का इंफेक्शन टांसिल्स   दाँतों  की  देखभाल  चेहरे की  देखभाल करेगा कुटुंब के लिये भी सही सोच रखेगा।अचानक धन बनाने के नए विचार भी दिमाग में आ सकते हैं। इसके विपरीत केतु कोई गूढ़ बात नहीं रखेगा।  विषय कि गम्भीरता विश्लेषण को भी जाने  दीजिये   वो भी मीन राशि के कारन ठन्डे दिमाग का होगा।

कन्या लग्न ---- अब आया कन्या लग्न इसमे व्यक्ति अपने शरीर के लिए मैं कैसा हूँ मोटा कहीं मेरा वजन तो बढ़ा नहीं रहा कहीं मैं अधिक दुबला तो नहीं इस लग्न वालों के लये ये सही समय है खुद को देखने का सातवें घर में केतु निर्लिप्त है अपने व्यापार भागीदारी अपने पति या पत्नी की  तरफ से बिलकुल लापरवाह शांत।ये आपकी ओर ध्यान  देंगे अठारह  महीने के इस अंतराल के बाद जबकि केतु और राहु का ये समय इन घरों पर से निकल जायेगा समय बीत याएगा।

तुला लग्न ---- तुला लग्न के लिए राहु बारहवे  घर में और और केतु छठे घर में इस समय इनमें ये बदलाव आएगा कि ये अचानक विदेश जाने की सोच सकते हैं अचानक से उनमें स्पिरिचुअल भावना जाग सकती है वे इसके सम्बन्ध में  यात्रा  भी कर सकते हैं।  स्पिरिचुअल हीलिंग के लिए , अब जबकि तुला लग्न है तो ये आगे किसी नए व्यापार काम के सिलसिले में भी बाहर जा सकता है क्यों कि लिब्रा लोग बड़े ही जागरूक होते हैं इस बारे में। केतु को भी छठे घर में दैनिक दिनचर्या कैसी है काम कैसा हो रहा है हो भी रहा है या नहीं  कोई बात नहीं राहु के साथ चल पड़ो बस।

वृश्चिक  लग्न ----अब वृश्चिक लग्न कि बारी वृश्चिक लग्न में राहु ग्यारहवें घर में और केतु पांचवें घर में रहेगा यहाँ ये विदेशी नेटवर्क सर्कल बनाएंगे दोस्त जो लाभ दे विदेश के द्वारा हर दोस्त और ऐसे भागीदार का अच्छी तरह से जजमेंट कर लिया जायेगा कि कौन कहाँ कैसे लाभ प्रद है ये यहाँ अपने पैरों खास तौर  पर अपने घुटनों की   देखभाल पर ध्यान  देंगे पांव पर खास ध्यान दिया जायेगा केतु पांचवें घर में अपने बच्चों पेट पिता किसी की ओर भी ध्यान न बस लाभ कैसे बढ़ाएं ये देखेगा।केतु कहता है मुझे तो देखना है कि कैसे अधिक धन बनायें अधिक से अधिक सर्कल बढ़ाया जाये लाभ कैसे ज्यादा से ज्यादा हो।

धनु लग्न ---- अब धनु लग्न कि बात करें धनु लग्न में राहु दसवें घर में और केतु चौथे घर में रहेगा।  राहु इस घर में बड़ा करियर ओरियंटेड रहेगा और ऊँचे स्टेटस की  भूख इनको रहेगी कोशिश करेंगे कि और  और  पाएँ  अपने ऊँचे ओहदे के लिए कटिबद्ध रहेंगे छठे घर जैसे ही दसवां घर भी को  वर्कर्स के लिए होता है को वर्कर्स को साथ लेकर चलते ऊँची अभिलाषा लिए यहाँ चौथे घर का केतु अपने घर को न देखकर    परिवार घर  माँ   की परवाह न करके सिर्फ दसवें घर की  सहायता करेगा। करियर को लेकर अगर परिवार को अनदेखा करना है तो है।

मकर लग्न ----मकर लग्न में राहु नवें घर में और केतु तीसरे घर में होगा यहाँ राहु होगा उच्चाभिलाषी अपने आध्यत्मिक अध्ययन  के लिए  तो  राहु यहाँ सहायता करेगा मास्टर्स और डॉक्टररेट  की  पढाई में जो पढ़ रहे हैं वे मन लगाकर पढ़ेंगे। अगर कोई पढने वाला है तो ये अपने गुरु की उपदेशकों का आलोचनात्मक तरीके से   विश्लेषण करेगा। विभिन्न धर्म और संस्कृति से सम्बंधित अध्ययन और यात्रा भी कर सकते हैं इस लग्न वाले व्यक्ति।वहीँ तीसरे घर में केतु अपने आसपास को बच्चों को भाई बहनों को नज़रअंदाज़ करके सिर्फ और सिर्फ राहु कि मदद करेगा  उच्च अध्ययन के लिए यात्रा के लिए अन्य धार्मिक अध्यात्मिक कार्यो के अध्ययन के लिए..

कुम्भ लग्न ----अब कुम्भ लग्न की  बात करें  इस लग्न में राहु आठवें घर में और केतु दूसरे घर में होगा। जीवन की  गहरी जिज्ञासा में गूढ़ता में स्वास्थ्य  में  धन बनाने जोड़ने में और संयुक्त सम्पत्ति की  देखरेख में सूझ बूझ से कदम उठाएगा।स्वास्थ्य से संबधित  जागरूकता  मेष कन्या और कुम्भ लग्न वाले व्यक्ति  2014 में  विशेष जागरूक रह पाएंगे। समुद्री यात्रा या समुद्र कि तरफ रुझान बढ़ेगा। और केतु सदा की तरह।

मीन लग्न ----अंतिम लग्न है मीन लग्न मीन लग्न में राहु सातवें घर में और केतु पहले घर में यहाँ केतु अपने प्रति लापरवाह।।। मैं क्या हूँ बढ़िया हूँ खुश हूँ.  अधिक ध्यान देगा अपने स्पाउस की तरफ अपने व्यापार में काम करने वाले भागीदारों की  तरफ। ये समय वकील  डॉक्टर्स  के लिए बेहतर रहेगा।
तो ये 2014  में सभी लग्नों के लिए राहु और केतु का प्रभाव  ....    

Sunday, January 26, 2014

चन्द्र ………………


चद्रमा कितना शीतल कितना प्यारा।   ये हर बच्चे को प्यारा  लगता है, रिश्तों में ये माँ का प्रतिनिधित्व करता है चौबीसों घटे ( बहुत छोटे बच्चे ) माँ हर बच्चे के पास रहती है.  माँ के पास बच्चे कितने सुरक्षित महसूस करते हैं , माँ के पास भावनाओं के बंधन हैं बच्चे को बांधने के लिए जिन बच्चों को माँ का भरपूर प्यार मिलता है सामाजिक आर्थिक और जीवन की अन्य विषमताओं को हंसते हंसते झेल जाते हैं यानि कि जन्म पत्रिका में आपके चन्द्र को मजबूत होना चाहिए।पता है चन्द्रमा के कमज़ोर होने पर क्या बीमारियां होती हैं कफ और पेट कि बीमारी ,माँ  से सम्बन्ध  अच्छे होंगे सुख शांति आपके पास होगी यानि चन्द्रमा अच्छा। सहानुभूति, सौभाग्य, सुन्दर कल्पनाशक्ति,कोमलता , भ्रमणशीलता और कोमल भावनाओं  में दयालुता भी देता है। अगर चद्रमा अच्छा है तो आपमें ये सब गुण होंगे। माँ  नानी ननिहाल सबका हाल  बता देता है चन्द्र,  मन की  बात भी बताता है चंद्रमा। मानसिक संतुष्टि और हमारी विचार प्रक्रिया भी यही निर्धारित करता है। इन सबके साथ जुड़ा है दिल जी हाँ दिल भी  ....




Thursday, January 23, 2014

jyotish

 रिश्ते और ज्योतिष……।

सूर्य ……

ज्योतिष  में रिश्तों का बड़ा महत्व होता है।  परिवार में हर रिश्ता कीमती होता है। विशेष रूप से पिता ,का  कैसा लगता है जब पिता शाम को काम से घर लौटते हैं बच्चे कितने अरमान से उनका रास्ता देखते हैं।  वो कैसे हैं ? उनका व्यव्हार कैसा है ? घर में, घर       के लिए वे क्या क्या करते हैं ?   कुछ पापा तो बड़े गुस्से वाले होते है बच्चे और कई बार तो मम्मी भी डर  जाती है उनके व्यवहार  से लेकिन आपको मालूम है क्या कि पिता जिस ग्रह का प्रतिनिधित्व करते है   वो ग्रह है   सूर्य    कितनी सुन्दर बात कि  जो सारे  संसार को चलाता है  पिता  उसी सूर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जैसे पापा जीवन के लिए महत्वपूर्ण है ठीक वैसे ही सूर्य हमारे लिए बहुत ज़रूरी  है सूर्य से हमें क्या मिलता है  विटामिन डी   सूर्य से हमारा आत्मबल मज़बूत होता है और  हमारी हड्डियां  ठीक रहती है  लीवर ठीक रहता है  और हमारे फैसले लेने  की  क्षमता अच्छी रहती है वाणी में ओज होगा और  आत्मविश्वास से हम काम करेंगे तो हमारा हर काम सही होगा जीवन में बच्चों के और खास तौर  पर बेटियों के पालन पोषण में पिता की  बडी  भूमिका होती है जिन बच्चों का  अपने पापा के साथ सम्बंध अच्छा होता है उनके मार्ग में बाधाएं नहीं होती उनकी त्वचा में चमक होती है उनमें भरपूर आत्मविश्वास होता है लड़कों को नोकरी में सफलता मिलती है  पद और प्रतिष्ठा में कमी  नहीं होगी  दूसरी ओर अगर बेटी है तो पिता का सानिध्य उसे विवाह में बाधाएं न आने देगा ससुराल अच्छी मिलेगी आत्मबल अच्छा रहेगा जीवन में संघर्ष न होगा    बेटा  हो या बेटी अगर पिता का साथ है उनका आशीर्वाद है   तो बच्चे के द्वारा लिए  गए निर्णय सही होंगे