कल से कल मज़बूत है, कल ही का है राज ! कल ही से बनाएँगे , कल को सुंदरआज !!''तनु ''
Tuesday, September 13, 2016
आभार
मुझे आपके नेह की , सदा रही दरकार! शुभकामना बहुत मिली , मिला आपसे प्यार !! ये शुभेच्छा आपकी, फिर कर गयी निहाल! आशीर्वाद आपके, मैं हूँ मालामाल !! आगमन हुआ आपका ,मिला आपसे प्यार ! नमन कर रही आपको, बहुत बहुत आभार !!....तनुजा ''तनु ''
क्षमापणा ,,... क्षमा मुझे कर दीजिये, रचना रचनाकार , मैं तो कवि हूँ ही नहीं, न ही साहित्यकार ! न जानती कोई विधा , ना कोई आचार , ,,, अक्षर माला पिरो गए , मन के कुछ उद्गार !!...तनुजा ''तनु ''
Sunday, September 11, 2016
कश्ती कागज़ की बचपन बीतता खुशियों , खेले कैसे खेल ! कागज़ से जहाज़ बने, मुँह से छुक-छुक रेल !! कितनी दूर जा सकती, ये कागज़ की नाव ! गल कर डूबती पल में , मत कर इसका चाव !! ये कागज़ की नाव है, ना पंछी ना गाँव ! खिल खिल बच्चों की हँसी, ठंडी ठंडी छाँव !!,.... ''तनु ''
Saturday, September 10, 2016
बोल रहा अब मौन है, दुःख की यह है बात , मनु दुश्मन है मनुज का, कैसे करता घात !!
मंजुल मंजुल मंजुला, मन मोहे हरबार ! जीवन में खुशियाँ मिले, दुःख ना आयें द्वार !!..''तनु ''
ये कैसी है आस्था, खुद लुटने की चाह !! कौन सम्हाले इनको, कौन बताये राह !! लूटे झूठे संत, अशिक्षा बनी है कारण, .. कौन सुझाये पंथ, और कौन पकडे बाँह !!... ''तनु ''