प्रतिबंध करो खंडन करो, एक पल गलत आचार का !!! "तनु "
राधा नित चिंतन करे, श्याम का घनश्याम का ! शाम से पथ निहारै, श्याम का घनश्याम का ! श्याम घन छाए शाम भई श्याम न आये !! शाम श्याम चिंतन, श्याम का घनश्याम का........''तनु ''
बदरा प्रेम की परिधि आधी रही , बिना बरसात देह में व्याधि रही , देखो और अधिक करुणा न उपजाओ !!!! पानी पानी की देह में आधि रही ………… ''तनु ''
मैं गर झूठा हूँ तो बुहारूं अपने झूठ को !!, कल आयेंगे पात हरे सूखे हुए ठूंठ को !!
जादू की छड़ी गर मिल जाए कोई !! पलक न झपकाऊँ पकडूं उसके मूँठ को!!
Thursday, July 3, 2014
इन दिनों टीवी में प्याज ही प्याज भरी है, इसलिए ही मैंने टीवी पे अगरबत्ती करी है। गोदाम के गोदाम हो गए हैं अंतर्ध्यान !!! जाने ये महंगाई की मारी हुई कहां मरी है … ''तनु "
विचार श्रृंखला टूटी तो मृतप्राय हो जाएंगे , मन भ्रमित हुआ तो निष्प्राय हो जाएंगे, मंथन सिंहावलोकन लक्ष्य रहे !!! इन्हें खो बैठेंगे तो अभिप्राय खो जाएंगे ......''तनु''
कभी कूँची किसी चित्र में कह गयी , कभी कलम किसी पत्र में कह गयी , विचार कला की अभिव्यक्ति के !!! कभी कला किसी मित्र में कह गयी.… ''तनु ''