गुरु की भक्ति है भली कर जाए निहाल , कृपा मिले जो उनकी हो जाए मालामाल , हो जाए मालामाल, शिखर पे गुरु पहुँचावै ! बिन हल्दी फिटकरी रंग ज्यूँ चोखा आवै !! गुरु महिमा अनंत है सबको लेती पाल, गुरु भक्ति में डूबकर सुंदर करले चाल !!तनुजा ''तनु''
आपणी आपणी बोली तो सगळा ने प्यारी है ; पण म्हारी मालवी तो सगळा से न्यारी है ! काका दादा भाभी जीजी बेन भई ओ मामा , ,, थां से म्हासे सगळा से सजी या फुलवारी है !! ''तनु ''
बोल रहा अब मौन है, दुखी है एक साज
मरम रचा है मरम से, खोल रहा है राज
Thursday, September 8, 2016
राधिके , ...
प्यारी मोहन राधिके , हिय में बसै हमार, मन तोहे समर्पित है , जाप हजारों बार ! जाप हजारों बार, तुम ही मोहन मन बसी ! चाकरी जी लगाय, चरनन में है मति रची !! मोहे राधा मोह , मेरे मना गति न्यारी ! सहूँ कैसे बिछोह, राधिके मोहन प्यारी !!... ''तनु ''
Wednesday, September 7, 2016
गुलाबी सी विभावरी , पूनों का प्रकाश , पलक बिछाए बावरी, सोया सा आकाश ! सोया सा आकाश , पल्लव द्रुम भी सो रहे ; मन में थी इक आस, सपन मिलन में खो रहे ! चाँद यामिनी साथ क्यों खोयी है बिलासी ? हँसे मंद आकाश, विभावरी है गुलाबी !!.... ''तनु ''
चाँद सा दिल आसमां में लटका है ; सुखद सुन्दर एहसास में अटका है ! ये किसने खुशियों के रंग हैं बिखेरे , हिचक कैसी ? क्यों राह में भटका है !!,...''तनु ''
ये चाँद भी न ,....
परदा झीना मान का, पाया रंग उधार ! पल में उतर जाएगा, मुहब्बत का बुखार !! लेकर खुशियाँ चाह की, दरदर भटकी रात ! चाँद एक जलता दिया, पर क्यों रूठा रात !! ये है अभिनय चाँद का, रवि जैसा प्रभास ! जगा कर सो जायेगा , पौ फटने की आस !! दिल लेकर चाँद भटका, बीती जाती रैन ! अमा पूनम में अटका, कहीं न पाया चैन!! एक गुलाबी रात का , ये रहा मेहमान ? झूठा निकला बात का , जानता है जहान !!....तनुजा ''तनु ''