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Saturday, June 13, 2020

शब्दों का अवसान हुआ है,

शब्दों का अवसान हुआ है, भाव अभी तक सुप्त रहे!
लेखनिका मुँह फेर रही है,   कोरे काग़ज़ लुप्त रहे!!
अवसान हुआ, आविर्भाव हो, अंत खत्म,हो  उद्भव हो, ,,
माँ तेरा साधक लब्धप्रतिष्ठ,  फिर शब्द क्यों गुप्त रहे!!..... ''तनु'' 

Friday, June 12, 2020

जा फँसा मेरा सफीना,

जा फँसा मेरा सफीना, भावनाओं के भंवर में!
घर मेरा रहा नगीना ,    जिंदगी तेरे सफर में!!
कायदा भूला नहीं मैं, मिला सुकून ईमान से, ,,
यूँ हुआ मैं भी मदीना, इंसानियत की डगर में!!... ''तनु''

दोराहे पर खड़ा हुआ हूँ ,

दोराहे पर खड़ा हुआ हूँ, इत ये कुँआ उधर है खाई !
बेमतलब ही खींचातानी, तल है साफ़ किनारे काई !!
करें फैसला सोच समझ कर, आगा पीछा सोच लीजिये , ,,
परबत पीछे राई छुपती, और कभी परबत है राई !!... ''तनु''

चिंतन टूटा मनवा खोया,

चिंतन टूटा मनवा खोया, भटक गयी हैं राह !
यादों के गहरे सागर की, कितनी गहरी थाह ?
कभी रुदन कभी हँसी मिलती, कभी मौन संसार, ,,
कितना सोचूँ कितना भूलूँ , कोई जाने चाह ! .... ''तनु''

छोटा बड़ा नहीं है कोई,

छोटा बड़ा नहीं है कोई, खाई गहरी पाटो !
सुधामयी रसधार पिलाओ, नहीं गरल को बाँटो !!
सदा यहाँ पर फूल न मिलते, काँटे भी अपना लो, ,,
जीवन को हर पल है जीना, नहीं समय को काटो !!... ''तनु''

Tuesday, June 9, 2020

महक गया गुलशन खिलती हुई कलियों से !

महक गया गुलशन खिलती हुई कलियों से ! लो सज गयी बगिया रंगीन तितलियों से!!
पड़दादी की गोद और किलकती पड़पोती, ,,
एहसास को छुआ हमने मन की उंगलियों से ! .. ''तनु''

धूप बिखरा के तमाम कैसा इम्तहाँ तेरा

धूप बिखरा के तमाम कैसा इम्तहाँ तेरा !
के बसर कठिन पर यही है गर फ़त्वा तेरा!!

मौजें दरिया छीनी  और उम्र-ए -रवानी भी !
ना तोड़ किसी को रह पाए भी जलवा तेरा!!

बेदर्द क्यों सारे हुए बेदाग़ ही थे अच्छे!
कद्रदां था तू ही और था हर नौजवां तेरा!!

सबकी खुशियाँ लेकर खुशी मनाना न था!
इतना बेफिक्र क्यों हुआ  ये हमनवा तेरा!!

सिफ़र से अरबों, अरबों से सिफ़र और धुँआ!
तू है या के नहीं,  यूँ ही होता गुमाँ तेरा!!

ताल कोई तेरी, नाच नचा ले ऊपर वाले!
तीन ताल, झपताल, रूपक हो कहरवा तेरा!!

जो दिया हँस के मंजूर करता ही गया दिल!
रहा ऐसा इम्तहाँ  तेरा दर्द ही दवा तेरा!!

कोई 'तनु'  पूछे तो कह दूँगा तू अदीब मेरा !  
जैसा हूँ तेरा हूँ, मैं तेरा और ये जहां तेरा!!..''तनु''