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Tuesday, March 27, 2018


इश्क हुआ जब नेट से,  बीत गयी कब रात ;

हुआ सवेरा देर से ,  कहाँ सुबह की वॉक!

कहाँ सुबह की वॉक ?  सुबह कब संध्या होती ;

पिज़ा बर्गर खाए  ------   नसीब न रोटी होती, ,,,,,

मोटा चश्मा फिगर गुम करते जिस पर रश्क़ ,... 

टंकित होती बात हुआ जब नेट से इश्क !!.... तनुजा ''तनु ''

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