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Thursday, August 27, 2015

बेटी , 

कतरा  झट  जावे ई !
नान पणा रा दन !!
खोसी लिदा म्हारा कने ति, 
म्हारा आपणा जन !!

थें इ ज मने करी परई,
थें ई ज हिकायो फरज ! 
बेटा अबे म्हे नी ,
ई ज थारा माँ बाप! 
यो नानो देवरियो,
यो ज थारो भई !
या नणद या थारी बेटी ,
कई वयो जो थे ! 
नि  दीधो जनम, .....  कतरा झट जावे ई 

हगरा ने खवाडजे ,
पछे तू खाजे! 
पुच्छया वना तू,
 कठे मति जाजे !
सबरो  ध्यान राखजे, 
पछे आपणो !
ने मान राखजे म्हारो ,
ओलबो नी आवे कट !!!
हाथ हमारी ने चालजे ,
मति वगाड़जे कण , .... कतरा झट जावे ई 

वरस वरस वीतया ,
अबे म्हे भी बेटी परणई !
ई ज वातां म्हें भी ,
 वीने सिखई !
कसो कालजा पे, 
भाटो मेलि !!! 
माँ बाप करे बेटी री विदई, 
घणि घणि ओलु आवे, 
कसो भी आवे तिवार !
पण ,, घणों जीव दोरो वे ,,
जदी  आवे सावण
ने रक्सा बंधन ,,,,,,कतरा झट जावे ई 




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