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Saturday, April 7, 2018

हम चले तुम रोना नहीं हरदम खुश रहो;

 हम चले तुम रोना नहीं हरदम खुश रहो;
 साँस टूटी देह झूठी!!! हमदम खुश रहो!

  उम्र-ए-रवाँ का काफिला चलता चला;
  आ गये लो जाने के मौसम खुश रहो!

  चाह ऐसी शाम-सहर सीने से लगकर;
  सो जाऊँ रात गुजरे ना आलम खुश रहो!!... ''तनु''

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