Labels

Friday, June 26, 2015

क्यों रखता है ??

दश्त - ओ - सहरा में जज़ीरा क्यों रखता है ?
पाँव के नीचे वो जन्नत क्यों रखता है ? 

 ज़ालिम दरिया किनारा तोड़ चलता है, ,, 
 जिद है तूफां की किनारा क्यों रखता है ?

इश्क का महल है और साँसों की गिनती , ,,
कहाँ निकले साँसे दरीचे क्यों रखता है ? 

झुक गयी आँखें खामोश है दरिया दिल, ,, 
बंद होठों पे कोई मौन क्यों रखता है ?

ये शब ही है या कोई तसव्वुर मेरा ?
या आसमान ही ये चाँद क्यों रखता है ?

मैं तो बिखरी रहूँगी रंग ओ ख्वाब में ,  ,,
दिल तेरा बेवजह इंकार क्यों रखता है ?

आईने से हर रोज़ ही पूछ कर देखा , ,,
फ़क्त शीशा है तू अक्स क्यों रखता है ?,,,,तनूजा ''तनु ''

No comments:

Post a Comment